Friday, September 08, 2006

भांति भांति की दालें

दालों में प्रोटीन की मात्रा 20% से 25% तक होती है। यह गेहूँ से लगभग दुगनी और चावल से तिगुनी है तथा अण्डे, दूध और मांसाहार से मिलने वाली मात्रा से कुछ अधिक है। शायद इसी कारण दाल को गरीबों का प्रोटीन-पुंज भी कहा गया है। भारत के अधिकतर शाकाहारी लोगों के लिए दालों का महत्व इस बात से सपष्ट हो जाता है कि दुनिया में दालों का आयात करने वाले देशों में भारत पहले नम्बर पर है।


1.पालक और चने की दाल

सामग्री---

चने की दाल- एक कटोरी

पालक-- 250 ग्राम

प्याज़- एक

टिमाटर- एक

अदरक- एक इन्च का टुकड़ा

हरी मिर्च-- दो

नमक-- ¾ छोटा चम्मच

हल्दी---1/2 चम्मच
मक्खन
- इच्छा-अनुसार

विधी----

. चने की दाल को धोकर घंटे भर पानी में भीगने दें।

. पालक और मिर्च को धो कर डंडी निकाल कर काट लें।

. अदरक और प्याज़ छील कर काट लें। टिमाटर धोकर काट लें।

. दाल,पालक, मिर्च,प्याज़, टिमाटर, अदरक, नमक, हल्दी और एक कप पानी कूकर मे डालें।

. तेज़ आंच पर सीटी आने तक रखें और फिर आँच हल्की कर 15 मिनिट तक पकाएं।

. कूकर ठंडा होने पर खोल कर कड़छी से अच्छे से हिला कर पलटें।

. ऊपर से मक्खन डाल कर खाएं।

टिप्स---

. अपने स्वाद अनुसार दाल को गहरा और पतला कर सकते है।

. सब्ज़ियों को बहुत छोटे टुकड़ों में काटने की ज़रूरत नहीं है।
३. पानी की मात्रा कम कर आधा कप दूध डाल पकानेे से स्वाद बड़ जाता है।

क्रमश: ---

3 comments:

Rohit Tripathi said...

Ratna ji pahle aapko mera sadar pranam uske bad yeh kahna chahuga ki aap likhti bahut hi acha hai.

Aditya said...

Very nice.I really liked ur post, thanks for sharing. Keep writing. I discovered a good site for bloggers check out this www.blogadda.com, you can submit your blog there, you can get more auidence.

Rahul said...

Kon Kehta Hai Ham Wafa Nai Krte
Dard Hota Hai Magar Sikwa Nai Krte
Aakir Q Nai Badalti Takdir Meri
Kya Mere Dost Mere Liye Dua Nai Karte.??